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Monday, 14 June 2021

विश्व रक्तदाता दिवस

नमस्कार दोस्तों आप सभी का educationalage पर स्वागत है। आज हम बात करेंगे ,  साल भर में एक बार मनाए जाने वाले विश्व रकतदान दिवस के बारे में जो रक्तवर्ग के खोजकर्ता कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस   को मानने का उद्देश्य है कि रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। रक्तदान करने से शरीर में किसी भी तरह कोई समस्या नहीं होती है, किन्तु रक्तदान करने से हमारा शरीर स्वस्थ्य रहता है , और कहा जाता है यदि आप किसी जरूरमंद व्यक्ति को रक्तदान करते हैं तो आप  उसे एक नया जीवनदान देते हैं।

 

विश्व रक्तदाता दिवस हर साल 14 जून को सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने और रक्त के जीवन रक्षक उपहारों के लिए स्वैच्छिक, अवैतनिक रक्त दाताओं को धन्यवाद देने हेतु मनाया जाता है।

रक्त के  प्रमुख कार्य –
शरीर में रक्त कोशिकाओं और  ऊतकों में ऑक्सीजन का प्रवाह करता है। अन्य तत्वों जैसे – एमिनो एसिड, फैटी एसीड्स, ग्लूकोज आदि की सप्लाई करता है।
• शरीर के विभिन्न अंगों में मौजूद कार्बन डाइ ऑक्साइड, यूरिया, लेक्टिक एसिड को बाहर निकालने का कार्य करता है।
• रक्त में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) में एंटीबॉडीज होते है, जो शरीर को इन्फेक्शन से बचाता है।
• रक्त शरीर में पीएच लेवल और तापमान को नियंत्रित रखने का कार्य करता है।
• रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स दुर्घटना के बाद रक्त का थक्का जमाने में मददगार होते है, जो रक्त को बहने से रोकने का कार्य करते हैं।

रक्तदान कहां कर सकते हैं -:

रक्तदान के लिए आप किसी भी लाइसेंस युक्त ब्लड बैंक में कर सकते हैं। रक्तदान की यह सुविधा सभी जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध है। मान्यता प्राप्त एजेंसियों जैसे-रोटरी क्लब, लायंस क्लब द्वारा रक्तदान शिविरों का आयोजन भी होता रहता है। रक्तदान के बाद रक्तदाता को डोनर कार्ड दिया जाता है, जिससे वह रक्तदान की तिथि से 12 महीने तक जरूरत पड़ने पर स्वयं या परिवार के लिए ब्लड बैंक (Blood Bank) से एक यूनिट रक्त (per unit blood) ले सकता है।

रक्तदान वजन के अनुसार लिया जाता है –

रक्तदान शिविर में वजन के आधार पर आपका रक्त लिया जाता है । यदि वजन 60 किलो से कम है, तो शरीर से 350 ml रक्त लिया जाता है। वहीं यदि वजन 60 किलो से ज्यादा है, तो शरीर से 450ml रक्त लिया जाता है। रक्तदान के दौरान जितना खून निकाला जाता है, वह रक्त शरीर 21 दिनों के अंदर फिर से बना लेता है।

इन स्थितियों में रक्तदान नहीं करना चाहिए –

• यदि वायरल संक्रमण है, तो रक्तदान न करें, क्योंकि इससे रक्त के माध्यम से संक्रमण रक्त लेने वाले व्यक्ति में जाने की आंशका  रहती है।
• किडनी, हृदय, दिमाग, फेफड़े, लिवर आदि से संबंधित कोई भी बीमारी हो, तो रक्तदान नहीं करना चाहिए ।
यदि थायरॉयड रोग है, तो रक्तदान न करें।
• यदि आपको स्वयं कभी रक्त की जरूरत पड़ी हो, तो कम-से-कम एक साल तक रक्तदान न करें।
• यदि हीमोग्लोबिन का लेवल 18 ग्राम / डीएल से ऊपर हैं।
• शूगर, हाइपरटेंशन आदि से ग्रस्त मरीज भी ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं।

• वैसे लोग जो एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड या अल्कोहल ले रहे हों, उन्हें ब्लड डोनेट करने से पहले कुछ समय संबंधी नियमों का पालन करना होता है।
• प्रेगनेंट, ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं और मासिक धर्म के समय महिलाएं ब्लड डोनेट नहीं कर सकती हैं।

रक्तदान के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें – 

जाने वाली बातें रक्तदान टेंशन फ्री और तनाव मुक्त होकर करें।

• सुबह का नाश्ता करने के लगभग एक-डेढ़ घंटे के बाद रक्तदान करें।

• सभी रोगों की जानकारी रक्तदान से पहले डॉक्टर को दें।

• रक्तदान करने के बाद पाँच से दस मिनट तक आराम करना जरूरी होता है ।

•रक्तदान करने के बाद नॉर्मल खाना खाएं।

•रक्तदान करने के बाद आप अगले एक दिन तक जिम नहीं जा सकते।

•रक्तदान करने के बाद 24 घंटे तक धूम्रपान व शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

•एक बार रक्तदान कर दिया है, तो उसके तीन माह बाद ही दोबारा रक्तदान करें ।

ब्लड डोनेट करने से पहले टेस्ट –

ब्लड डोनेट करने से पहले ब्लड टेस्ट जरूरी है अन्यथा यदि आपको कोई रोग होगा, तो वह मरीज को भी हो जायेगा। इसमें हेपेटाइटिस, एचआइवी आदि प्रमुख टेस्ट हैं। इसके अलावा आज कल एचटीएलवी (एंटीबॉडी टू ल्यूकेमिया वायरस) का टेस्ट भी जरूरी है। यह टेस्ट ब्लड कैंसर के लिए होता है। यदि ब्लड कैंसर के मरीज का ब्लड सामान्य व्यक्ति को चढ़ा दिया जाये, तो उसे भी ब्लड कैंसर होने का खतरा होता है।
वैज्ञानिक  तरक्की करने के बावजूद ‘अभी तक वैज्ञानिक कृत्रिम खून नहीं बना पाये हैं। यह केवल शरीर में ही बन सकता है, इसलिए गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के बाद, विभिन्न सर्जरी या फिर एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रक्त की जरूरत होती है, तब ब्लड डोनर यह रक्त देता है। समय पर रक्त मिलने से अधिकतर मरीजों की जन बच जाती हैं। वहीं कई बार रक्त न मिलने से रोगी की मृत्यु भी हो जाती है। वैसे कई अस्पताल और सामाजिक संस्थान समय-समय पर रक्तदान के लिए कैंपों का भी आयोजन करते हैं, जिनमें इकट्ठा हुआ रक्त अस्पताल के माध्यम से जरूरतमंद को दिया जाता है या ब्लड बैंक में रखा जाता है। प्रत्येक रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है, क्योंकि जो रक्त दान किया जाता है, उसमें तीन अलग-अलग रक्त कण (आरबीसी, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स) होते हैं, जो तीन अलग-अलग मरीजों के काम आ सकता है, इसलिए एक बार रक्तदान करके तीन जिंदगियाँ बचायी जा सकती हैं। प्लाज्मा को एक साल और प्लेटलेट्स को पाँच दिनों तक रखा जा सकता है। इस अवधि के बाद यह खराब हो जाता है।

इस साल की  World Blood Donor Day 2021 की थीम “Give blood and keep the world beating”. रखी गई है।

•इटली अपने राष्ट्रीय रक्त केंद्र के माध्यम से विश्व रक्तदाता दिवस 2021 की मेजबानी कर रहा है। ग्लोबल इवेंट रोम में 14 जून 2021 को होगा।

•विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हर साल विश्व रक्त दाता दिवस के रूप में मनाने के लिए 14 जून का दिन तय किया है। यह A,B,O रक्त समूह प्रणाली की खोज करने वाले वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टेनर का जन्मदिन है। इस कारण से इस दिन को रक्तदाता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है।

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