उत्तर प्रदेश में लागू एस्मा कानून

What is Asma act ?

 एस्मा कानून क्या है ?

ESMA – essential services management act….

(अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून)

एस्मा एक्ट भारत की संसद द्वारा बनाया गया एक अधिनियम है जिसको संविधान के (अनुसूची 7 ) में इस कानून  वर्णन मिलता है।
एस्मा कानून का वर्णन अनुसूची 7 में राज्य सूची के विषय में इसका  वर्णन प्राप्त होता है।
उत्तर प्रदेश में एस्मा  कानून को  लागू किया गया। एस्मा  कानून को अधिकतम 6 महीने तक प्रभावी  रहता है। एस्मा कानून को सभी राज्य सरकारें मिलकर भी लागू कर सकती हैं।
एस्मा लगने से पहले राज्य सरकारें समाचार पत्र के माध्यम से या अन्य  माध्यम कर्मचारियों को सूचित करती है।
एस्मा कानून को हड़ताल रोकने के लिए लगाया जाता है। एस्मा लागू होने के कारण कर्मचारी  कार्य पर  जाता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है, कर्मचारी को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है।
एस्मा एक  केंद्रीय कानून है जिसको 1968 में लागू किया गया था।  राज्य सरकार इस कानून को लागू करने के लिए स्वतंत्र हैं इस कानून में विशेषत: हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया जाता है। सभी  राज्यों के एस्मा कानून में थोड़ा बहुत अन्तर है।
एस्मा कानून लागू होने पर यदि कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसे 6 माह की कैद  ₹250 जुर्माना दंड रूप में लिया जाता है ।
 कानून में राज्य सरकारें किसी भी आंदोलन को कुचल सकते हैं। Covid -19 के कारण भी उत्तर प्रदेश में कुछ समय के लिए एस्मा कानून लागू था । किन्तु  कुछ समय पश्चात इसे हटा दिया गया जब स्थिति सामान्य हुई तब सब कुछ सामान्य कर दिया गया।

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